पति की दिन रात की कमाई से भी नहीं भरता था परिवार का पेट, पत्नी ने शुरू किया रिक्शा चलाना, आज सीमा जी बन गयी है, जम्मू की पहली महिला चालक

जम्मू कश्मीर की पहली रिक्शा चालक है सीमा

आजकल की महिलाये किसी से भी कम नहीं है, और रोज़गार के मामले में भी सभी को टक्कर दे रही है। और वाकई में आज की नारी सब पर भारी नज़र आ रही है। और किसी भी मामले में किसी से भी कम नहीं। है हम भी अक्सर आपके लिए ऐसी ही अनोखी कहानियां लेकर आते रहते है, जिसमे कि, हम ये पूरी तरह से प्रयास करते है, आपको प्रेरित कर सके। और इसलिए हमारी अक्सर कोशिश रहती है, कि हम कुछ अनोखी ही कहानिया लेकर आये। वैसे आज की कहानी एक ऐसी माँ की है, जिसने एक औरत होते हुए भी एक मिसाल कायम की है। वाकई में ही महिला हर रूप में पूजनीय है। और आज के इस लेख में हम बात करेंगे, एक ऐसी ही महिला के बारे में, जिनका नाम है सीमा देवी। जिन्होंने अपनी सीमा रूपी समाज की जंजीरो को तोड़कर एक मिसाल कायम की है। क्योकि वे जम्मू और कश्मीर से है। और इसीलिए सीमा देवी जम्मू कश्मीर की पहली रिक्शा चालक भी बन गयी है। और अपने आसपास की महिलाओ के लिए भी एक मिसाल ही कायम कर रही है। और आज हम उनके इस खास सफर के बारे में जानेंगे।

सीमा जम्मू कश्मीर की पहली रिक्शा चालक है।
सीमा जम्मू कश्मीर की पहली रिक्शा चालक है।

जम्मू कश्मीर की पहली रिक्शा चालक है सीमा देवी

बता दे कि, सीमा जम्मू कश्मीर की पहली रिक्शा चालक है। और उनसे पहले उनके क्षेत्र में कोई भी महिला रिक्शा चालक भी नहीं थी। और इसी वजह से वे खास भी हो गयी है। सीमा देवी जी पहले एक सामान्य महिला ही थी। लेकिन उन्हें गवारा नहीं था, कि वे कुशल होते हुए भी काम न करे। और इसीलिए उन्होंने ये रिक्शा ड्राइविंग का काम शुरू किया। और आज एक उदाहरण बनकर सामने आ रही है। और एक मिसाल पेश कर रही है। वाकई में आज सीमा जैसी महिलाये, न सिर्फ इस समाज में सशक्त नारी बनकर उभर रही है, बल्कि हर महिला के लिए एक हिम्मत का उदाहरण भी बन रही है।

पति की मदद करने के लिए लिया, ये ड्राइविंग का फैसला
पति की मदद करने के लिए लिया, ये ड्राइविंग का फैसला

इसे भी अवश्य पढ़े:-आज का ये सॉफ्टवेयर इंजीनियर कभी था एक मामूली सा डिलीवरी बॉय, आज अपनी इस सफलता के मन्त्र से दे रहा है दुनिया को मिसाल

पति की मदद करने के लिए लिया, ये ड्राइविंग का फैसला

सीमा देवी जी के पति जी काफी दिन रात मेहनत करते है। लेकिन फिर भी परिवार का भरण पोषण ठीक से नहीं हो पा रहा था। इसलिए सीमा ने भी अपने पति की मदद करने की ठानी, और रिक्शा चलाना प्रारम्भ किया। और बन गयी जम्मू कश्मीर की पहली महिला रिक्शा चालक

 सीमा देवी। जिन्होंने अपनी सीमा रूपी समाज की जंजीरो को तोड़कर एक मिसाल कायम की है।
सीमा देवी। जिन्होंने अपनी सीमा रूपी समाज की जंजीरो को तोड़कर एक मिसाल कायम की है।

इसे भी अवश्य पढ़े:- बिहार की आन बान और शान सत्तू ड्रिंक, हो रहा है फेमस, इन बिहारी बाबू ने बना डाला Sattuz cafe, बच्चो से लेकर बूढ़ो तक की बन गया है पहली पसंद

इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपका आभार ,ऐसे ही दिलचस्प खबरों के लिए जुड़े रहिये समाचार बडी से, धन्यवाद !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *