एक औरत जिसने दुनिया के लगातार ताने भी सुने, और ससुराल के ताने सुनकर भी नहीं मानी हार, बेटी को सँभालते हुए ही पास की यूपीएसी की परीक्षा

राजकीय इंटर कॉलेज में संभालेगी और प्रिंसिपल का पद।

कुछ ही दिनों पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा 2021 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया गया। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अलग-अलग पदों के लिए कुछ कुल 627 परीक्षार्थियों सफल घोषित हुए हैं।इस परीक्षा में एक सिंगल मदर ने भी जो कि कई चुनौतियों का सामना करते हुए , अपनी सफलता हासिल करके एक प्रेरणा का मिसाल बनी है। पूनम चौधरी जो की एक शिक्षिका हैं ,उन्होंने यूपी पीसीएस की परीक्षा में सफलता हासिल की है। पूनम चौधरी बुलंदशहर में रहने वाली है। लेकिन एक दशक से मेरठ में रह रही हैं। एक सिंगल मदर के लिए सब कुछ अकेले करना काफी मुश्किल होता है , लेकिन पुणे में सभी चुनौतियों का सामना करते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल की है।

पूनम जी अभी बुलंदशहर के राजकीय इंटर कॉलेज में एक शिक्षिका के तौर पर कार्यरत है।
पूनम जी अभी बुलंदशहर के राजकीय इंटर कॉलेज में एक शिक्षिका के तौर पर कार्यरत है।

राजकीय इंटर कॉलेज में संभालेगी और प्रिंसिपल का पद

पूनम जी अभी बुलंदशहर के राजकीय इंटर कॉलेज में एक शिक्षिका के तौर पर कार्यरत है। लेकिन लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद अब राज के इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत होगी।यूपी पीसीएस की परीक्षा में सफल होकर उन्होंने सिर्फ अपना ही नहीं बल्कि अपनी बेटी का भी नाम रोशन किया है।

पूनम चौधरी सफर आसान नहीं था पर नामुमकिन भी नहीं

शादी के बाद अक्सर उन्हें पति से परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में वह 1 दिन तंग आकर उन्होंने पति से अलग होने का फैसला किया। लगभग 7 साल पहले पूनम अपने पति से परेशानियों से तंग आकर अलग रहने लगे। जिससे उनकी बेटी की जिम्मेदारी अकेले उन्हीं के कंधों पर आ गई। पति से अलग होने के बाद 2012 में उन्होंने महादेव इंटर कॉलेज में शिक्षिका के पद पर नौकरी मिल गई ,लेकिन नौकरी से खुश नहीं थी। इसलिए पूनम चौधरी ने अपने सपने को पूरा करने के लिए अपनी पढ़ाई जारी रखी। इसके अलावा राज्य के इंटर कॉलेज में भी साल 2019 से 2021 तक मैथ्स और साइंस शिक्षिका का कार्यक्रम कॉलिंग में पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें जो भी समय मिलता था उसकी तैयारी थी।

यूपीपीसीएस में सफलता हासिल करने के बाद पूनम इस सफलता का श्रेय अपनी बेटी विशाली चौधरी जो दसवीं कक्षा की छात्रा है,
यूपीपीसीएस में सफलता हासिल करने के बाद पूनम इस सफलता का श्रेय अपनी बेटी विशाली चौधरी जो दसवीं कक्षा की छात्रा है,

पूनम चौधरी तीन बार असफल होने के बाद भी नहीं मानी हार मिली आखिरी में सफलता

बहुत मेहनत करने के बाद भी पूनम को यूपीपीसीएस में तीन बार असफलता मिली। सफलता हासिल करने के लिए उन्होंने और भी ज्यादा मेहनत की उन्हें कभी उन मैन्स में असफलता हाथ लगी , तो कभी साक्षात्कार में लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखा। कहते हैं ना कभी भी मेहनत बेकार नहीं जाती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। कड़ी मेहनत और लगन से आज उन्होंने यूपी पीसीएस की परीक्षा में सफलता हासिल करके अपना परचम लहरा दिया है।

तीन बार असफल होने के बाद भी नहीं मानी हार मिली आखिरी में सफलता।
तीन बार असफल होने के बाद भी नहीं मानी हार मिली आखिरी में सफलता।

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कठिन समय में माता पिता और भाइयों ने दिया था साथ

यूपीपीसीएस में सफलता हासिल करने के बाद पूनम इस सफलता का श्रेय अपनी बेटी विशाली चौधरी जो दसवीं कक्षा की छात्रा है, उनको देती हैं। हमारे समाज में पति से अलग रहने के फैसले से अधिकांश माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। इतना ही नहीं शादी के बाद बेटी का पति से अलग रहना भी उन्हें मंजूर नहीं होता है। लेकिन पूनम के इस फैसले के बाद उनके कठिन समय में उनके भाइयों और माता-पिता ने उनका पूरा साथ दिया ।आज साल 2022 में बनी दुनिया कितनी बदल गई हो, लेकिन आज हमारे समाज में एक औरत को उसके पति से अलग होने के फैसले को गलत माना जाता है, और सफलता उनके कदमों में है।

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