Samrat Choudhary – एक ओर सम्राट चौधरी की फ्लोर टेस्ट में जीत हुई तो दूसरी ओर राजनीति के पटरी पर धक्का लगा प्रशांत किशोर ने इस घटना को सिर्फ एक छोटी जीत नहीं बल्कि बड़े बदलाव की शुरुआत कहा। उनका मानना है की इसके पीछे सम्राट के अधिकार का दबाव है। ऐसा लग रहा है जैसे पुराने खेल के नियम अब बदलने लगे हों।
प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी के बारे में क्या कहा?
उस सफलता पर प्रशांत किशोर ने अपना रुख साफ़ किया। इस जीत को देखकर वे मानते हैं कि राजनीतिक गणित बदल रहा है एक तरफ सम्राट चौधरी का उठाया कदम, दूसरी ओर उसका असर जैसे-जैसे समय बढ़ रहा है, ऐसा घटित होने पर वे यह भी सोचते हैं कि आगे कई बदलाव आ सकते हैं।
- उस सफलता पर जो सम्राट चौधरी को मिली प्रशांत किशोर ने खुद को हल्का सा मुस्कुराता पाया
- इसे लेकर उनका मानना था कि राजनीति में अब कुछ नया होने वाला है।
- अब तो सम्राट चौधरी के हाथ में अपनी पार्टी को मजबूत करने का मौका है ऐसा किशोर का मानना है।
- अब ऐसा लगता है, समय है चुनावी तरीकों को समझने का

सम्राट चौधरी फ्लोर टेस्ट में पास कैसे हुए?
चौधरी के फ्लोर टेस्ट में आगे बढ़ने के बाद से ही सियासी गलियारों में चर्चा छा गई इस घटना पर अब तमाम जांचने वाला भी अपनी-अपनी राय रख रहे हैं उन्होंने इस अवसर के जरिए अपनी पार्टी के साथ खड़े होने का संदेश दिया एक ओर जहाँ यह सफलता मिली, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के लिए यह झटका साबित हुआ।
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- सम्राट चौधरी का फ्लोर टेस्ट में सफलता प्राप्त करना उनके नेतृत्व की पुष्टि है।
- यह टेस्ट उनकी पार्टी के आंतरिक एकता को भी दर्शाता है।
- फ्लोर टेस्ट में पास होने से सम्राट चौधरी को अपनी पार्टी के प्रति विश्वास मिला।
- इस परिणाम से विपक्षी दलों के लिए चुनौती और बढ़ गई है।

