Aaykar Vibhag – एक बार में पंद्रह लाख रुपये बैंक से निकालना कई के लिए आम होगयी है, फिर भी आयकर विभाग ऐसे लेन-देन पर नजर रखता है वजह छुपाए या कागजात ठीक न हों तो जांच का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह के मामले में बैंक का ब्यौरा पैसा निकालने का मकसद, घर पर रखने की वजह और वापस जमा करने की सोच सबसे ज्यादा मायने रखती हैं। ऐसे में हर नकद लेन-देन में सोच-समझकर कदम बढ़ाना ही चुपचाप शांति देता है।
आयकर विभाग ऐसे नकद लेन-देन पर सवाल क्यों उठाता है?
एकदम बड़ी रकम अचानक खाते से निकली? थोड़े समय में वही रकम वापस आई ऐसे लेन-देन पर आयकर विभाग की कड़ी नजर होती है। उन्हें पता करना होता है – पैसा आया कहां से फिर छुपाया क्यों गया।
- बड़ी नकद निकासी पर बैंक रिकॉर्ड बनता है।
- दोबारा जमा करने पर पैसों का जरिया पूछा जा सकता है।
- घर में बड़ी रकम रखने की वजह बतानी पड़ सकती है।
- कमाई और जमा रकम में अंतर दिखे तो जांच हो सकती है।
- सही दस्तावेज न होने पर परेशानी बढ़ सकती है।

आयकर विभाग की जांच से बचने के लिए क्या ध्यान रखें?
एकदम शांति से सोचो जब बैंक से भारी धनराशि निकले, तो हर पैसे का ठिकाना सुरक्षित रखना समझदारी है। वजहें जो थीं – उसमें बदलाव क्यों आया, पैसा वापस क्यों डाला गया – इन सभी के वजहें तैयार रहें।
- बैंक निकासी और जमा की तारीख संभालकर रखें।
- पैसा किस काम के लिए निकाला गया था, इसका कारण लिखकर रखें।
- अगर सौदा रद्द हुआ हो, तो उससे जुड़े कागज रखें।
- नकद रकम को बिना वजह लंबे समय तक घर में न रखें।
- बड़ी रकम जमा करते समय सही जानकारी दें।
- नोटिस आए तो जल्दबाजी में गलत जवाब न दें।

