ये कोई सामान्य दीया नहीं है, कुछ घंटे नहीं, बल्कि 36 घंटो तक लगातर जलता है ये अनोखा दीया, इस कुम्हार ने बनाया है ये जादुई दीया

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के कोंडागांव ज़िले के, कुम्हारा पारा के रहने वाले हैं,अशोक चक्रधारी

भारत त्योहारों का देश है। और यहां पर त्योहार खूब धूमधाम से मनाया जाता है। और पूजा वह तो हर घर में होती है। सुबह-सुबह बनारस के घाट और गंगा किनारे जो आरती पूजा अर्चना होती है, वह तो देखने को बनती है। आपने तो कई सारे तरह के दिए देखे होंगे, कोई तांबे का बना होता है। तो कोई मिट्टी का बना होता है। अनेक तरह की दिए मिलते हैं, बाजार में कोई सिंपल होता है। बिल्कुल सादा, तो किसी पर बहुत अच्छी तरह से कारीगरी की गई होती है ।ऐसे दिए को तो देखना ही बहुत ही मनोरम वाला काम लगता है। बहुत ही अच्छा लगता है। आज हम आपको कुछ ऐसा ही अनोखा बताने जा रहे हैं। जिसको सुनकर आप भी सोचेंगे कि, आज के टेक्नोलॉजी के जमाने में भी, ऐसी चीज बन सकती है क्या? जी हां दोस्तों! भले ही हमारी सोसाइटी हमारा समाज इतना आगे बढ़ गया है, टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करने में लाने लगा है। लेकिन वहां पर आज भी ऐसे लोग हैं जो पुराने तौर-तरीकों से नए-नए आविष्कार कर रहे हैं। ऐसे आविष्कार को देखकर आप भी चौंक जाएंगे। तो आइए जानते हैं आज ऐसे ही जादुई कुम्हार अशोक चक्रधारी के बारे में।

आज तक अशोक जी यही काम करते हैं। मूर्तियां बनाना ,घड़े बनाना ,मटके बनाना ,दिए बनाना
आज तक अशोक जी यही काम करते हैं। मूर्तियां बनाना ,घड़े बनाना ,मटके बनाना ,दिए बनाना

आखिर कौन है यह जादुई कुम्हार अशोक चक्रधारी?

जिनके हाथों में कला है और जादू है ,यह रहने वाले हैं ,छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के कोंडागांव ज़िले के, कुम्हारा पारा के रहने वाले हैं,अशोक चक्रधारी। 40 वर्षो से कुम्हार का काम करते हैं ,और कच्ची मिट्टी से मूर्तियों का निर्माण करते हैं। इन्होंने चौथी कक्षा तक पढ़ाई की और उसके बाद अपने पिता के साथ कुम्हार के काम मे लग गए। माता-पिता के निधन के बाद घर की सारी जिम्मेदारी अशोक के कंधो पर आ गयी। और उन्होंने अपने पिता के काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। तब से आज तक अशोक जी यही काम करते हैं। मूर्तियां बनाना ,घड़े बनाना ,मटके बनाना ,दिए बनाना।

 दिया 36 घंटों तक लगातार जले रह सकता है।
दिया 36 घंटों तक लगातार जले रह सकता है।

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जादुई दीया करता है ये कमाल

त्योहारों में फिर इन सब को लोगों के घर में जा जा कर के बेचना यही काम करते हैं। इनको अपने काम से बहुत ही ज्यादा प्यार है। अपने काम में इन्होंने इतनी अच्छी सफलता हासिल की है कि, इन्होंने एक ऐसा दिया बनाया है जो 36घंटे तक जल सकता है। जी हां दोस्तों आपने सही सुना, यह दिया कुल 36घंटों तक जल सकता है। लगातार जलने वाले, कई सारे दीयों के बारे में सुना होगा ।लेकिन सारे दिए जो कि मॉडर्न तरीके से भी बनते हैं सिर्फ 24 घंटे तक ही जलते हैं। लेकिन अशोक जी ने जो दिया बनाया है ,वह दिया 36 घंटों तक लगातार जले रह सकता है। बड़ी-बड़ी पूजा जिसमें लगातार ज्योत प्रज्वलित रहना चाहिए।

अशोक चक्रधारी।40 वर्षो से कुम्हार का काम करते हैं ,
अशोक चक्रधारी 40 वर्षो से कुम्हार का काम करते हैं ,

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