High Court order – फिलहाल गुरुग्राम तक ही रुका है स्टिल्ट प्लस फोर का निर्माण, ऐसा सुझाव दिया है पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने। इसके बाद भी, अन्य जिलों में नई इमारतें बन सकती हैं – बशर्ते सरकारी नियम माने जाएँ। गुरुग्राम के बाहर, प्लॉट धारकों को मिली थोड़ी सांस, ठीक वैसे ही जैसे रियल एस्टेट वाले चाहते थे। पर याद रखना होगा मंजूरी, सड़क की चौड़ाई, एनओसी और नगर निगम के झंझट खत्म नहीं हुए। चार अप्रैल 2026 को रोक लगी थी कोर्ट ने, उससे पहले कई जनहित याचिकाओं ने घेरा था मामला
हाईकोर्ट के आदेश से क्या बदला?
अब हरियाणा के कई हिस्सों में स्टिल्ट प्लस 4 घर बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। हालाँकि गुरुग्राम इस छूट से अलग रखा गया है। वहाँ नए आदेश का फायदा नहीं मिलेगा। दूसरी ओर, बिना इजाजत तौर पर उठाए गए ढांचों पर भारी हथियार जारी रहेंगे। कोर्ट के आदेश के बाद भी ऐसे मकानों पर कार्रवाई रुकी नहीं है
- हरियाणा के कई इलाकों में स्टिल्ट+4 निर्माण की अनुमति
- गुरुग्राम में यह नियम लागू नहीं होगा
- अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई जारी रहेगी
- पुराने नियम गुरुग्राम में अभी भी लागू
- निर्माण को लेकर लोगों को कुछ राहत मिली

लोगों और रियल एस्टेट सेक्टर पर असर
इस फैसले का असर आम लोगों और रियल एस्टेट बाजार पर साफ नजर आएगा। वहां, जहां स्टिल्ट के ऊपर चार मंजिल की छूट मिली है, मकान ज्यादा मंजिल तक जा सकेंगे। घरों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, नतीजतन कीमतों में हलचल आ सकती है। इस राहत से ठेकेदारों को नए प्रोजेक्ट खोलने का मौका मिलेगा
- आवासीय प्लॉटों का बेहतर उपयोग हो सकेगा
- मकानों की उपलब्धता बढ़ सकती है
- स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव भी बढ़ सकता है
- नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई संभव रहेगी
ऐसी और भी जानकारी जानने के लिए हमारी वेबसाइट samacharbuddy को फॉलो करे!

