Deepfake Videos के बढ़ते मामलों के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर डीपफेक वीडियो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
जल्द बनेंगे Deepfake Videos पर नियम
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकारी अधिकारियों और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच होने वाली एक मीटिंग में डीपफेक वीडियो के खिलाफ नियम और काबू को लेकर चर्चा की जाएगी।
क्या बोले अश्विनी वैष्णव
इस मुद्दे पर सरकार ने सभी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस भेजा है और उन्हें डीपफेक वीडियो पर कड़ाई कार्रवाई करने के लिए कहा है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अगर प्लेटफ़ॉर्म्स डीपफेक के प्रसार को रोकने में असफल रहीं, तो सुरक्षित हार्बर प्रतिरक्षा की सुरक्षा कवच को रद्द किया जाएगा, जिससे कि सोशल मीडिया कंपनियों को छूट खत्म कर दी जाएगी।
इस मुद्दे पर गूगल और मेटा जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल होंगी, जब एक महत्वपूर्ण बैठक में विचार किया जाएगा।
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FAQ’S : Deepfake Videos
क्या डीपफेक वीडियो बनाना गैरकानूनी है?
गैर-सहमति वाली डीपफेक अवैध हो सकती हैं।
क्या डीपफेक देखना अपराध है?
डीपफेक देखना सार्वभौमिक रूप से कानून के खिलाफ नहीं है
डीपफेक बैन क्यों है?
दर्शकों को वास्तविक दुनिया की घटनाओं के बारे में गुमराह करते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं


