UP Politics – उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मैदान में ‘अब्दुल’ वाले बयान ने आग लगा दी है डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा पर हमला करते हुए कहा – मुस्लिम समाज को वोट के लिए इस्तेमाल करते हो, पर ज़िम्मेदारी देने से कतराते हो। उन्होंने घेराव करते हुए ‘दरी बिछाओ’, ‘हुक्का भरो’ जैसे शब्दों को थामा! इसके जवाब में अखिलेश यादव ने नाम न लिया, पर कह दिया ऐसा नहीं चलता, ये पुराने ढर्रे की राजनीति है बहस अब ऊपर उठ गई है
ब्रजेश पाठक का हमला क्या था?
अब तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने साफ कह दिया – सपा मुस्लिम समाज को सिर्फ चुनाव के लिए याद करती है! और फिर भूल जाती है इतना होने के बाद भी उन्हें तवज्जो नहीं मिलती! खासकर नेतृत्व में ऐसा कहने के पीछे BJP की ओर से इशारा था
- ब्रजेश पाठक ने कहा कि अब्दुल कब तक सपा की दरी बिछाएगा
- उस बयान के बाद से उत्तर प्रदेश में हलचल छा गई
- इस बात पर गुजर गए कि अल्पसंख्यक समुदाय के हिस्से में आगुवाई कम मिली है

अखिलेश यादव का पलटवार और सियासी मायने
उस बयान पर टिप्पणी करते हुए सपा के अखिलेश यादव ने किसी का नाम लिए बगैर मज़ाक उड़ाया! कहा ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि घर में दरी बिछाने का ही अनुभव है! इस जवाब को भाजपा पर हमला माना जा रहा है, साथ ही अपने समर्थकों को ध्यान में रखकर दिया गया संकेत भी आगे आने वाले चुनावों में यह झगड़ा फिर से सामाजिक न्याय के सवाल को ऊपर ला सकता है,
- अखिलेश यादव ने कहा कि पहले कहीं और दरी बिछाते थे, अब यहां बोल रहे हैं।
- सपा इस विवाद को सम्मान और प्रतिनिधित्व के मुद्दे से जोड़ रही है।
- भाजपा-सपा के बीच बयानबाज़ी 2027 चुनावी माहौल का संकेत मानी जा रही है।
- मुस्लिम वोट बैंक और नेतृत्व का सवाल फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

