Arvind Kejriwal – इस बार सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि केजरीवाल की याचिका सिर्फ एक नाटकीय कदम है। उनका मानना है कि असली आरोपियों को बचाने के लिए ऐसा किया गया है। अगर ध्यान दिया जाए, तो यह तर्क साफ दिखता है कि पटिशाही सिर्फ सत्ता के झगड़े में घसीटी गई है। उसके इस कदम से अदालती व्यवस्था का सम्मान घटा है। डर है कि देश की जनतांत्रिक ढांचे पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। ऐसे में अब केजरीवाल के लिए रास्ते और तंग हो सकते हैं। क्योंकि अदालत में नए सवाल खड़े हो सकते हैं।
Arvind Kejriwal को लेके सीबीआई की दलील
अब सीबीआई की बात का वजन बढ़ गया है। वजह? सवाल सीधे एक नेता के कदम पर आ ठहरा है।
- मकसद सिर्फ राजनीति बढ़ाने का है, सीबीआई कहती है।
- अदालत के काम में दखलंदाजी हुई, सिर्फ सत्ता के खेल के लिए।
- शायद केजरीवाल को इस मुद्दे पर अपनी बात रखनी पड़े।

क्या बढ़ेगी अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें?
अब याचिका दायर हो गई है, केजरीवाल पर क़ानूनी मोर्चे एक के बाद एक खुल सकते हैं।
- इसके कारण उनकी राजनीतिक हालत बदल सकती है।
- कभी-कभी कानूनी प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है।
- ऐसा हो सकता है कि पटवारी उनके विरुद्ध एक सख्त आदेश दें।
यह जानकारी हमें सूत्रों के हवाले से मिली है धन्यवाद! ऐसे ही अन्य लेखों के लये हांसे जुड़े www.samacharbuddy.com

