New COVID Variant Symptoms – अचानक बदल रहे वातावरण और अलग-अलग राज्यों में बढ़ते संक्रमण को लोग समझ नहीं पाते की (जब उनकी तबीयत खराब होती है) उनके लक्षण सामान्य फ्लू के है कि कॉविड वेरिएंट के। हाल ही में कुछ ऐसे लक्षण सामने आए हैं जो बाकी बीमारियों से अलग महसूस होते हैं, जैसे – सर दर्द , थकान और बुखार। यही वजह है कि लोगों को पता नहीं चलता कि उन्हें कौन सी बीमारी है। हालांकि हर लक्षण कोविड का संकेत नहीं होता , लेकिन सावधान रहना जरूरी है। सही समय में अस्पताल जाने से संक्रमण के बारे में पता चल सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम कोविड के लक्षणों को नजर अंदाज न करें और सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले।
New COVID Variant Symptoms क्या हैं?
थकान हो सकती है, फिर सूखी खांसी आ जाती है। कभी-कभी गले में खराश महसूस होती है, उसके बाद स्वाद अजीब लगने लगता है। गंध का पता नहीं चल पाता, ऐसा भी हो सकता है। बुखार आए या न आए, ध्यान न देना खतरनाक हो सकता है। लक्षण बढ़ें तो ठीक होने की बजाय डॉक्टर के पास जाना बेहतर होता है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि शुरुआत कितनी हल्की क्यों न लगे।
- कुछ नये संस्करणों में चिह्न कमज़ोर पड़ सकते हैं। फिर भी, ये पहले जैसे नहीं दिखाई देते।
- ठंड या सर्दी के अहसास होने पर पहचानना मुश्किल पड़ता है।
- कभी-कभी तबीयत खराब होने पर भी गर्मी महसूस नहीं होती।
- ग़ैर-ध्यान देने पर बीमारियों का खतरा तेज़ी से बढ़ जाता है।
- अगर लक्षण लंबे समय तक रहते हैं, तो जांच करवाना चाहिए।

फ्लू और COVID में क्या अंतर है?
कई बार कोविड और फ्लू के लक्छन एक जैसे लगते हैं, पहचान मुश्किल हो जाती है। फ्लू अचानक आता है, शरीर भारी लगता है, ठंड लगने लगती है। दूसरी ओर कोविड धीमे ढंग से बढ़ता है, स्वाद खो जाता है, सूंघने में दिक्कत होती है। इसके साथ सांस लेने में तकलीफ भी आम है। ठीक पहचान होना चाहिए, उपचार सही मिले, यह बहुत जरूरी है।
| Flu (फ्लू) | COVID (कोविड) |
|---|---|
| अचानक शुरू होता है | धीरे-धीरे शुरू होता है |
| शरीर में दर्द और ठंड लगती है | स्वाद और गंध चली जाती है |
| हल्के से मध्यम लक्षण | सांस लेने में दिक्कत हो सकती है |
| कम जानलेवा होता है | अधिक गंभीर और जानलेवा हो सकता है |
नए COVID वेरिएंट के लक्षण: कब करवाना चाहिए टेस्ट?
लक्षण अगर बार-बार महसूस होने लगें, तो जांच करवाना जरूरी हो जाता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो, तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है। थोड़ी सी उपेक्षा भी परेशानी बन सकती है। जांच जल्दी होने पर इलाज समय पर मिल जाता है, और फैलाव की आशंका कम हो जाती है।
टेस्ट कब कराएं:
- 4 -5 दिन से ज्यादा लक्षण बने रहें
- खांसी और बुखार लगातार होती है
- सांस लेने में परेशानी होती है
- संक्रमण संक्रमांकित व्यक्ति के संपर्क में आने से होता है
- अचानक शरीर में थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है
घर पर देखभाल कैसे करें: COVID के दौरान जरूरी सावधानियां
थोड़े से लक्षण होने पर घर में रहकर देखभाल संभव है। आराम कम नहीं करना, गरम पानी लेना चाहिए इस बीच। खाने में सब कुछ मिलाकर लेना जरूरी होता है। दूसरों से दूर रहना भी ठीक उतना अहम है। अगर तकलीफ बढ़ जाए, फौरन चिकित्सक से बात कर लेनी चाहिए।
घर में सही ढंग से देखभाल कैसे करें-
- हर पल ठहराव में गुज़ारो।
- गुनगुने पानी का सहारा लेना चाहिए। सूप भी फायदेमंद होता है, खासकर जब मौसम ठंडा हो।
- मुँह ढके रखना चाहिए। कभी-कभी सोचना पड़ता है – दूसरों से थोड़ा अलग खड़े रहना। ऐसे में वजह भी समझ आती है।
- हर कुछ घंटों में पता करना कि शरीर कितना गर्म है।
- अगर कुछ गलत महसूस हो, तब चिकित्सक की सलाह लेना समझदारी है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
क्या हर सर्दी – खांसी में COVID हो सकता है ?
नहीं
क्या बिना खांसी जुकाम बुखार के COVID हो सकता है ?
हाँ
फ्लू और COVID के बारे में कैसे पता करें।
अस्पताल में टेस्ट करने से
क्या इलाज घर पर संभव है
हल्के मामलों में हाँ
अस्पताल कब जाना चाहिए ?
जब सांस लेने में दिक्कत या गंभीर लक्षण दिखें।
कई बार फ्लू और नए कोविड वेरिएंट में एक जैसे लक्षण दिखते हैं, इसलिए उलझन पैदा होना आम बात है। अगर ध्यान से रहें और सही जानकारी रखें, तो खुद को भी बचा सकते हैं वैसे ही जैसे दूसरों को भी। बजाय इसके कि लक्छणो को नजरअंदाज कर दें, जल्दी जांच करवाना और सही देखभाल लेना ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सचेत रहना ही असली सुरक्षा का तरीका बन जाता है।
मेरा नाम आदित्य सजवाण है। यह आर्टिकल मेरे द्वारा लिखा गया है , यदि यह आर्टिकल आपको थोड़ा – सा भी पसंद आया हो तो ऐसे ही आर्टिकल पढ़ने के लिए हमारी samacharbuddy.com से जुड़े रहे। तहे दिल से धन्यवाद!

