Strait of Hormuz : ईरान ने दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर अपना शिकंजा कैसा हुआ है अमेरिका के कड़े विरोध और धमकियों के बावजूद ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स जारी रखी हुई है इस टोल से हुई पहली बंपर कमाई को ईरान ने सफलतापूर्वक अपने सेंट्रल बैंक के खाते में जमा भी कर दिया है यह कदम वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है ईरान के इस फैसले से अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में तनाव काफी बढ़ गया है
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से हुई पहली कमाई कहाँ जमा करी ईरान ने?
ईरान की संसद ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी है कि होर्मुज जलमार्ग से हुई टोल की कमाई अब सीधे देश के खजाने में पहुंच गई है पहले इस रास्ते से गुजरने के लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ता था लेकिन अब ईरान ने इसे कमाई का जरिया बना लिया है संसद के अधिकारियों ने पुष्टि की कि पहली बड़ी रकम बैंक के खाते में जमा हो चुकी है यह कदम ईरान के लिए एक बड़ी आर्थिक जीत मानी जा रही है जिससे उसे अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच अपना खर्च चलाने के लिए नई ताकत मिलेगी

Strait of Hormuz पर क्या कहे राष्ट्रपति ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस टोल वसूली को पूरी तरह से गैर-कानूनी बताया है ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज या कंपनी ईरान को यह टैक्स देगी उसे खुले समुद्र में अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा नहीं मिलेगी अमेरिका का मानना है कि ईरान गलत तरीके से वसूली कर रहा है इस तनाव की वजह से शिपिंग कंपनियों के बीच डर का माहौल है क्योंकि अब उन्हें ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस जंग में फंसने का खतरा सता रहा है जिससे समुद्री व्यापार ठप हो सकता है
होर्मुज टोल वसूली पर क्या हैं ईरान के नए नियम?
ईरान ने स्पष्ट किया है कि टोल टैक्स की राशि हर जहाज के लिए अलग-अलग होगी और यह कई बातों पर निर्भर करेगी ईरानी सांसदों के मुताबिक जहाज का प्रकार और उस पर लदे माल की मात्रा के आधार पर ही फीस तय की जा रही है इसके साथ ही ईरान ने यह भी कहा है कि नियम हम तय करेंगे और किसी भी बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा रिपोर्टों की मानें तो ईरान जहाजों से लाखों डॉलर की भारी-भरकम फीस मांग रहा है जिसे देना कई कंपनियों के लिए बड़ी मजबूरी बानी हुई है
| विषय | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| पैसा कहां जमा हुआ? | ईरान का सेंट्रल बैंक |
| विरोध करने वाला देश | संयुक्त राज्य अमेरिका |
| टोल वसूली का स्थान | होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) |
| टोल तय करने का आधार | माल की मात्रा और जहाज का प्रकार |
| वैश्विक महत्व | दुनिया की 20% तेल सप्लाई का मार्ग |

अक्सर पूंछे जाने वाले सवाल –
1. ईरान होर्मुज पर टोल टैक्स क्यों मांग रहा है?
ईरान अपनी अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने और इस व्यापारिक रास्ते पर अपना प्रभुत्व जताने के लिए टोल टैक्स वसूल रहा है
2. राष्ट्रपति ट्रंप ने जहाजों को क्या चेतावनी दी है?
ट्रंप ने कहा है कि जो जहाज ईरान को टैक्स देंगे, उन्हें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी सेना की तरफ से कोई सुरक्षा नहीं दी जाएगी
3. क्या हर जहाज को एक बराबर टोल देना होगा?
नहीं, टोल की राशि जहाज के साइज, उसमें रखे गए माल और खतरे के स्तर के हिसाब से अलग-अलग तय की जाती है
4. इस टोल वसूली का भारत पर क्या असर हो सकता है?
अगर तनाव बढ़ता है, तो खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं
ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर टोल टैक्स लगाना केवल पैसा कमाने का जरिया नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक दांव है इसके जरिए वह दुनिया को दिखाना चाहता है कि इस समुद्री रास्ते पर उसी का राज चलता है हालांकि अमेरिका की नाकेबंदी और धमकियों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है अगर यह विवाद और बढ़ता है तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं
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