WHO Exercise Guideline – हर उम्र के लिए व्यायाम ज़रूरी है, फिर चाहे छोटा हो या बड़ा। जबकि WHO कहता है कि शारीरिक गतिविधि सभी के दिनचर्या का हिस्सा होनी चाहिए, वयस्क हो या बच्चा। खेलते हुए घूमने वाले 5 साल के बच्चे ऊर्जा खर्च करते हैं, ऐसे में उनकी गतिविधि भी व्यायाम ही होती है। इधर, 60 के बाद धीमी चाल से टहलना, हल्की स्ट्रेचिंग करना फायदेमंद रहता है। शरीर को तंदुरुस्त रखने के साथ-साथ दिमाग पर भी असर पड़ता है व्यायाम का। उम्र के आधार पर सही तरीके से चलना, झुकना या उछलना जान लेना ज़रूरी है।
WHO Exercise Guideline के अनुसार व्यायाम
इस उम्र में हर दिन साठ मिनट तक चलना-फिरना पड़ता है। खेलना, भागना, छलांग लगाना – ये सब इसका हिस्सा होता है। शरीर के ठीक से बढ़ने के लिए ऐसा करना जरूरी होता है। हड्डियाँ मजबूत रहती हैं तभी जब लगातार सक्रिय रहा जाए। मांसपेशियों को ताकत मिलती है जब शरीर लगातार कुछ न कुछ करता रहे।
- हर दिन साठ मिनट तक कुछ न कुछ करते रहें।
- बाहर के खेल खेलना अहम है।
- कम से कम स्क्रीन पर समय बिताएं।
- तीन बार पखवाड़े में ताकत बढ़ाने वाली कसरत।
- कभी-कभी खेल में हल्का पलटाव ही सब कुछ बदल देता है।

18–59 वर्ष के लिए व्यायाम
अगर दिल स्वस्थ रखना है, तो सप्ताह में कुछ दिन 150 से 300 मिनट ऐसा व्यायाम ज़रूरी है जो शरीर पर ज़्यादा भारी न हो। इसके बाद वजन खुद-ब-खुद संभलता है। ऊर्जा बनी रहती है, जब छोटे-छोटे हिस्सों में हलचल बढ़ाई जाए। बैठे रहने की आदत धीरे-धीरे कम होती है, अगर बीच-बीच में उठकर टहल लिया जाए।
- पैरों की गति तेज हो सकती है। कभी-कभी पहिये भी रफ्तार पकड़ लेते हैं।
- दो बार पखवाड़े में ताकत बढ़ाने की कसरत।
- थोड़ा सा हर दिन चलना, समय निकालकर।
- बहुत देर तक न रहें किसी कुर्सी पर।
- हल्की हड़पने वाली चीजों में योग का झुकाव।
60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए व्यायाम
बूढ़ों के लिए धीमे-धीमे चलना कई फायदे देता है। योग की वजह से शरीर नरम रहता है। टॉपर से गिरने का खतरा कम हो जाता है। इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। एक्सरसाइज से जोड़ों में आराम मिलता है। अभ्यास करने वालों को तनाव कम महसूस होता है।
- हर दिन पैदल चलना शुरू कर दें।
- बैलेंस एक्सरसाइज जरूरी
- योग और स्ट्रेचिंग करें
- हमेशा डॉक्टर से बात करना चाहिए।
- थकावट लगे तो रुक जाएं। कभी-कभी आराम ही सबसे अच्छा कदम होता है।

व्यायाम के फायदे और सावधानियां
व्यायाम करने से शरीर मजबूत रहता है। इसके अलावा, बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। मन भी शांत रहता है, थकान दूर रहती है। पर गलत तरीके से ज्यादा मेहनत करने पर चोट लग सकती है। धीरे-धीरे आदत डालना बेहतर होता है।
- वार्म-अप जरूर करें
- धीरे-धीरे एक्सरसाइज बढ़ाएं
- पानी पर्याप्त पिएं
- जब तकलीफ महसूस हो, ठहर जाएँ।
- ओवरएक्सरसाइज से बचें
सवाल जवाब
Q1: हर दिन घूमना ज़रूरी है ?
प्रतिदिन हल्की-फुल्की चहलकदमी या हिलना-डुलना शरीर के लिए बेहतर साबित होता है।
Q2: बच्चों को कितना खेलना चाहिए?
हर दिन साठ मिनट का समय तो लेना ही पड़ता है।
Q3: बुजुर्ग कौन सा व्यायाम करें?
हर सुबह टहलना, कभी-कभी योग… फिर धीमे-धीमे संतुलन अभ्यास।
Q4: क्या ज्यादा व्यायाम नुकसान करता है?
जी हाँ, अगर ज्यादा करेंगे तो चोट लग सकती है।
निष्कर्ष
व्यायाम हर किसी के लिए ज़रूरी होता है, भले उम्र कुछ भी हो। अलग-अलग उम्र में अलग तरह के व्यायाम की आवश्यकता पड़ती है। WHO Exercise Guideline के अनुसार नियमित रूप से किया गया व्यायाम शरीर को फिट रखता है और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। ऐसा व्यायाम बीमारियों से भी बचाता है। इसलिए दिनचर्या में व्यायाम शामिल करना चाहिए।
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